Monday, August 29, 2011

क्या कम हुआ?

दुश्मन बना बैठे, दीवाने को अगर, तो क्या हुआ
रिश्ता कोई कायम हुआ, इतना करम, क्या कम हुआ?

अपना पता, उनकी खबर में, भूलने लगते हैं हम,
उनकी झलक पे, साँस अपनी, रोकने लगते हैं हम,
जो फेरते हैं देख कर, हमसे नज़र, तो क्या हुआ,
इक बार का दीदार भी, नाचीज़ को, क्या कम हुआ?

आजकल चर्चों को, मेरे आबरू की भूख है,
सुना है के उन लतीफों में, मसाला खूब है,
लाखों ठहाकों ने, किया हमपर कहर, तो क्या हुआ,
उनकी हँसी का भी, मिला तोहफा हमें, क्या कम हुआ?

हासिल नहीं वो हो सके, हासिल हमें जिसने किया,
मुमकिन नहीं के छूट जाये,जो नशा हमने किया,
आँचल में उनके, ग़म कभी, भूले नहीं तो क्या हुआ,
शोहरत कफ़न पाएगी, उनके नाम से, क्या कम हुआ?

दुश्मन बना बैठे, दीवाने को कोई, तो क्या हुआ
रिश्ता कोई कायम हुआ, इतना करम, क्या कम हुआ?

-ऋषि चन्द्र

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