ज़िन्दगी
उठने दे दिल में आज, अरमानों की लहरों को,
तुझ से ही सब है, बिन तेरे ये सब बेमानी है,
कुछ भी नहीं है वक़्त, स्याही है इरादों की,
और ज़िन्दगी इन चंद खुशियों की कहानी है...
- ऋषि चंद्र
उठने दे दिल में आज, अरमानों की लहरों को,
तुझ से ही सब है, बिन तेरे ये सब बेमानी है,
कुछ भी नहीं है वक़्त, स्याही है इरादों की,
और ज़िन्दगी इन चंद खुशियों की कहानी है...
- ऋषि चंद्र
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