क्या लिखें कुछ और लिखा ही नहीं जाता
बे - जाम ही ये होश संभाला नहीं जाता
गम से मेरी यारी नहीं यारों, करें तो क्या
हँस कर ये हाल-ए-दिल भी बतलाया नहीं जाता....
बे - जाम ही ये होश संभाला नहीं जाता
गम से मेरी यारी नहीं यारों, करें तो क्या
हँस कर ये हाल-ए-दिल भी बतलाया नहीं जाता....
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